लखनऊ में प्लॉट ख़रीदने से पहले 12 ज़रूरी जाँचें
अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्लॉट में सबसे ज़्यादा धोखा कागज़ों की कमी से होता है। पैसा देने से पहले ये 12 बातें ज़रूर जाँचें:
मालिकाना हक़
- खतौनी — ज़मीन बेचने वाले के नाम पर है या नहीं (UP भूलेख पर देखें)।
- चेन ऑफ़ टाइटल — पिछले बैनामे, ताकि पता चले ज़मीन किस-किस से होकर आई।
- दाखिल-ख़ारिज — पिछली ख़रीद के बाद नाम चढ़ा या नहीं।
- भार (encumbrance) — ज़मीन पर कोई लोन या केस तो नहीं।
भू-उपयोग और मंज़ूरी
- मास्टर प्लान में भू-उपयोग — आवासीय है या कृषि/हरित पट्टी।
- स्वीकृत लेआउट — कॉलोनी का लेआउट प्राधिकरण से पास है या नहीं; लेआउट नंबर माँगें।
- कृषि भूमि हो तो — SDM से धारा 80 का आदेश (अकृषि घोषणा) हुआ है या नहीं।
- RERA — 500 वर्ग मीटर से बड़े या 8 से ज़्यादा यूनिट वाले प्रोजेक्ट का UP RERA नंबर।
ज़मीन पर
- रास्ता — प्लॉट तक पक्का रास्ता काग़ज़ पर दर्ज है या सिर्फ़ मौखिक।
- नाप — मौके पर नाप, बैनामे और लेआउट से मिलाएँ।
- बिजली-पानी — कनेक्शन मिल सकता है या नहीं।
- सर्किल रेट — ताकि रजिस्ट्री का खर्च पहले से पता हो (स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर)।
यह सूची चेकलिस्ट टूल के रूप में भी है, जिसमें आप हर जाँच पर टिक लगा सकते हैं।
यह गाइड सामान्य जानकारी के लिए है। बड़े सौदे से पहले किसी वकील से टाइटल की जाँच ज़रूर कराएँ।