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नक्शा व मंज़ूरी

LDA क्षेत्र में नक्शा पास कराना: ऑनलाइन रास्ता, कागज़, फ़ीस और समय

लखनऊ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में प्लॉट के आकार के हिसाब से नक्शे के तीन रास्ते, ताज़ा शुल्क की दरें, NOC का तरीका और वे गलतियाँ जिनसे फ़ाइल अटकती है।

SCR Housing डेस्क · अपडेट: 4 नवंबर 2026

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के क्षेत्र में नक्शे की अर्ज़ी अब ऑनलाइन चलती है। कौन-सा रास्ता आप पर लागू होगा, यह प्लॉट के आकार, इस्तेमाल और इस बात पर टिका है कि प्लॉट स्वीकृत लेआउट में है या नहीं। ख़र्च की बड़ी मद अक्सर परमिट फ़ीस नहीं, विकास शुल्क होता है, इसलिए बजट पहले समझ लें।

पहले यह पक्का करें कि नक्शा LDA ही पास करेगा

लखनऊ जिले का हर गाँव LDA के विकास क्षेत्र में नहीं है। हमारे डेटा के अनुसार जिले के 45 गाँव, जिनमें से ज़्यादातर सरोजनीनगर तहसील के हैं, UPSIDA के क्षेत्र में आते हैं। LDA क्षेत्र से बाहर के गाँवों में नक्शे की संस्था अलग हो सकती है, और आवास विकास परिषद की कॉलोनी में परिषद से भी पूछ लें। अपने गाँव या इलाके की संस्था हमारे प्राधिकरण खोजक से देख लें और ख़सरा-वार पुष्टि LDA से करें।

नियम कहाँ से आते हैं

LDA की वेबसाइट के “Rules and By Laws” पेज पर ये दस्तावेज़ उपलब्ध हैं: 2025 की मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल ज़ोनिंग रेगुलेशन (हिंदी और अंग्रेज़ी), उसकी मुख्य बातें और 2008 के पुराने विनियम। इसी पेज के किनारे “Building Plan Approval System” का लिंक map.up.gov.in पर जाता है, और OneIndia की रिपोर्ट के अनुसार छोटे नक्शों के फ़ास्टपास की अर्ज़ी भी इसी पते से शुरू होती है। छोटे प्लॉट के नियमों का सार हमारी बायलॉज 2025 गाइड में है।

प्लॉट के हिसाब से तीन रास्ते

श्रेणी किस पर लागू तरीका
कम जोखिम स्वीकृत लेआउट में आवासीय 100 वर्ग मीटर तक, व्यावसायिक 30 वर्ग मीटर तक ऑनलाइन पंजीकरण और स्व-प्रमाणन; पोर्टल से तुरंत प्रमाणपत्र
मध्यम जोखिम स्वीकृत लेआउट में आवासीय 500 वर्ग मीटर तक (बहु-इकाई नहीं), व्यावसायिक 200 वर्ग मीटर तक लाइसेंसशुदा तकनीकी व्यक्ति के साथ अर्ज़ी; जानकारी और फ़ीस पूरी होने पर ऑनलाइन मंज़ूरी
उच्च जोखिम बाकी सब: बड़े प्लॉट, स्वीकृत लेआउट से बाहर के प्लॉट, ऊँची इमारत, ग्रुप हाउसिंग, औद्योगिक आदि पूरे कागज़, NOC और प्राधिकरण की जाँच

यह श्रेणीकरण 2025 की मॉडल उपविधि के अध्याय 2 से है। हमने Invest UP की प्रति में पूरी उपविधि नहीं, अध्याय 2 तक का हिस्सा ही पढ़ा है, इसलिए अपनी श्रेणी की शर्तें LDA की वेबसाइट पर रखी उपविधि में या अपने आर्किटेक्ट से मिला लें।

फ़ास्टपास: छोटे प्लॉट का रास्ता

जनवरी 2026 की PropNewsTime रिपोर्ट और OneIndia की बिना तारीख़ वाली रिपोर्ट के मुताबिक़ LDA में 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक निर्माण के लिए यह व्यवस्था चल रही है। इसका क्रम कुछ यूँ है:

  1. नाम और मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें; सिस्टम लॉगिन आईडी और पासवर्ड देता है।
  2. नक्शा अपलोड करें और भू-उपयोग, प्लॉट की जगह, सड़क की चौड़ाई, ऊँचाई, कवर्ड एरिया, चारों तरफ़ का सेटबैक, प्रवेश और पार्किंग की जानकारी भरें।
  3. पोर्टल फ़ीस की गणना करता है; उसका भुगतान ऑनलाइन करें।
  4. जानकारी नियमों के अनुरूप हो तो स्वतः प्रमाणित नक्शा और प्रमाणपत्र मिलता है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें कुछ ही मिनट लगते हैं और स्थल निरीक्षण नहीं होता।

ध्यान रखें कि स्व-प्रमाणन आपकी अपनी घोषणा है। उपविधि के अनुसार ग़लत जानकारी देकर ली गई मंज़ूरी बाद में भी रद्द हो सकती है। मई 2025 में जारी निर्देश के अनुसार आधार सत्यापन भी ज़रूरी किया गया था।

बड़े नक्शे: कदम-दर-कदम

  1. प्लॉट की जाँच: मास्टर प्लान का भू-उपयोग, सड़क की चौड़ाई और कागज़ देखें। ज़मीन अभी खेती की दर्ज हो तो धारा 80 गाइड भी पढ़ें।
  2. तकनीकी व्यक्ति चुनें: 100 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर लाइसेंसशुदा आर्किटेक्ट या तकनीकी व्यक्ति की ज़रूरत पड़ती है।
  3. ऑनलाइन अर्ज़ी और फ़ीस: एक ही आवेदन पत्र में जानकारी और कागज़ जमा होते हैं।
  4. NOC: ज़रूरत के हिसाब से विभागों की अनापत्ति ली जाती है (नीचे देखें)।
  5. कमी दूर करें: उपविधि के अनुसार कमी बताने पर 15 दिन में उसे ठीक करना होता है।
  6. शुल्क का भुगतान और मंज़ूरी: माँग के 30 दिन के भीतर शुल्क न भरने पर अर्ज़ी अपने-आप ख़ारिज हो सकती है।

आम तौर पर ये कागज़ तैयार रखें

उपविधि के खंड 2.2 में कागज़ों की पूरी सूची है। एक निजी कानूनी गाइड के अनुसार आम तौर पर ये काग़ज़ लगते हैं, और अंतिम सूची पोर्टल पर मिला लें:

  • बैनामा या आवंटन पत्र
  • ताज़ा खतौनी (प्लॉट की 12 जाँचें)
  • आर्किटेक्ट के बनाए नक्शे
  • पहचान पत्र
  • गृहकर का बकाया-मुक्ति कागज़
  • कृषि ज़मीन हो तो गैर-कृषि घोषणा का आदेश (जहाँ लागू हो)

फ़ीस: तीन अलग-अलग मदें

दरें अलग-अलग नियमों से आती हैं, इसलिए इन्हें जोड़कर समझें।

मद दर स्रोत
भवन परमिट शुल्क, प्लॉटेड आवासीय ₹5 प्रति वर्ग मीटर (कुल प्रस्तावित कवर्ड एरिया) 2024 के शुल्क नियम
भवन परमिट शुल्क, ग्रुप हाउसिंग ₹15 प्रति वर्ग मीटर वही
भवन परमिट शुल्क, व्यावसायिक, कार्यालय, मिश्रित आदि ₹30 प्रति वर्ग मीटर वही
निरीक्षण शुल्क ₹20 प्रति वर्ग मीटर (कुल फ़्लोर एरिया) वही
विकास शुल्क, लखनऊ ₹2,475 प्रति वर्ग मीटर (पहले ₹1,400 से ₹2,040) जनवरी 2026 की रिपोर्ट, दूसरा संशोधन नियम 2025

एक उदाहरण: स्वीकृत लेआउट में 200 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 300 वर्ग मीटर का कुल निर्माण हो, तो 2024 के नियमों से परमिट शुल्क ₹1,500 और निरीक्षण शुल्क ₹6,000 बनता है। विकास शुल्क के बारे में रिपोर्ट यह नहीं बताती कि लखनऊ में किस क्षेत्रफल पर और किन मामलों में लगेगा। अगर यह पूरे प्लॉट पर लगे तो रकम ₹4.95 लाख होगी, जो सिर्फ़ गणित दिखाने के लिए है। अपने मामले की असली रकम पोर्टल की गणना या LDA से लें।

छोटे प्लॉट की छूट में स्रोत अलग-अलग बात कहते हैं: दिसंबर 2025 की PTI आधारित रिपोर्ट कहती है कि 100 वर्ग मीटर तक आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक व्यावसायिक प्लॉट पर परमिट और निरीक्षण शुल्क नहीं लगेगा। जनवरी 2026 की एक दूसरी रिपोर्ट निरीक्षण शुल्क हटने और परमिट शुल्क सिर्फ़ एक रुपया होने की बात कहती है। मॉडल उपविधि में भी कम जोखिम वाले पंजीकरण पर ₹1 का सांकेतिक शुल्क आता है। व्यवहार में रकम मामूली है, पर विकास शुल्क की स्थिति अलग से पोर्टल पर देख लें।

समय और NOC

  • NOC: LDA अपनी नज़ूल, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट, सीलिंग, अर्जन और भू-उपयोग NOC अपने ERP से जारी करता है और तहसील व जलकल की NOC का समन्वय करता है। अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार ये आवेदक के पंजीकृत WhatsApp नंबर पर पहुँचती हैं।
  • बाहरी विभाग: एक रिपोर्ट के अनुसार मेट्रो, अग्निशमन, हवाई अड्डा प्राधिकरण और पुरातत्व जैसी एजेंसियों को जवाब के लिए अधिकतम दो हफ़्ते मिलते हैं। उपविधि और जुलाई 2025 की रिपोर्ट (जो तब के मसौदे पर थी) में 30 दिन में NOC मानी हुई समझने की बात है, जिसमें रिपोर्ट के अनुसार विमानन, रक्षा और स्मारक की अनुमति शामिल नहीं है। दोनों अवधियाँ अलग-अलग स्रोतों की हैं, इसलिए अपने मामले में LDA से पूछें।
  • मानी हुई मंज़ूरी: उपविधि के खंड 2.7.2 के अनुसार आवासीय और व्यावसायिक, कार्यालय, ग्रुप हाउसिंग जैसे अन्य भवनों का नक्शा 30 दिन में तय न हो और तकनीकी व्यक्ति नियमों के पालन का प्रमाण दे, तो वह अपने-आप मंज़ूर माना जा सकता है। आवासीय मामले में संबंधित विभागों की NOC भी शर्त है। इसकी शर्तें बारीक हैं, इसलिए इस पर भरोसा कर निर्माण शुरू करने से पहले लिखित स्थिति लें।
  • वैधता: उपविधि के अनुसार भवन परमिट पाँच साल तक वैध रहता है। विस्तार पर 2024 के शुल्क नियमों में मूल शुल्क का 50% और पूरा निरीक्षण शुल्क लिखा है।

आम गलतियाँ

  • प्लॉट के अनधिकृत लेआउट में होने पर भी आसान रास्ता मान लेना। कम और मध्यम जोखिम के रास्ते स्वीकृत लेआउट के लिए हैं।
  • सिर्फ़ परमिट शुल्क देखकर बजट बनाना और विकास शुल्क भूल जाना।
  • तहखाने को कवर्ड एरिया से बाहर मानना। 2024 के नियमों में तहखाना कवर्ड एरिया में गिना जाता है।
  • पोर्टल पर सड़क की चौड़ाई या सेटबैक अंदाज़े से भरना। स्व-प्रमाणित नक्शे में ग़लत जानकारी की ज़िम्मेदारी आवेदक पर आती है।
  • वर्ग फुट और वर्ग मीटर में गड़बड़ी। हमारे एरिया कन्वर्टर से जाँच लें।

नियम और दरें बदलती रहती हैं। यह गाइड सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं; अंतिम पुष्टि LDA से करें।

स्रोत

यह गाइड जानकारी के लिए है, क़ानूनी या निवेश सलाह नहीं। नियम और फ़ीस बदलती रहती हैं — कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित विभाग या पोर्टल पर ताज़ा स्थिति जाँच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।